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20.07.202610:26 विदेशी मुद्रा विश्लेषण और समीक्षा: 20 जुलाई को EUR/USD करेंसी पेयर में ट्रेड कैसे करें? शुरुआती ट्रेडर्स के लिए आसान सुझाव और ट्रेड विश्लेषण।

शुक्रवार के ट्रेड का विश्लेषण:

EUR/USD करेंसी पेयर का 1-घंटे (1H) चार्ट

Exchange Rates 20.07.2026 analysis

शुक्रवार के ट्रेड का विश्लेषण

EUR/USD करेंसी पेयर का 1-घंटे (1H) चार्ट

EUR/USD करेंसी पेयर ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र में भी साइडवेज़ (Range-bound) चैनल के भीतर ही कारोबार जारी रखा, जैसा कि 1-घंटे (1H) के चार्ट पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

औपचारिक रूप से देखें तो EUR/USD अभी भी हल्के ऊपर की ओर झुकाव (Upward Slope) में है, लेकिन पिछले तीन सप्ताह से जारी इस तेजी के दौरान यूरो में बहुत सीमित बढ़त ही देखने को मिली है। इसके अलावा, पहले बनी दोनों ट्रेंड लाइनें टूट चुकी हैं और अब उनका तकनीकी महत्व नहीं रह गया है।

शुक्रवार को यूरोजोन और अमेरिका से जारी हुए मैक्रोइकोनॉमिक आंकड़ों का ट्रेडर्स की धारणा पर कोई खास असर नहीं पड़ा। पूरे दिन की वोलैटिलिटी (उतार-चढ़ाव) भी 30 पिप्स से अधिक नहीं रही। इससे स्पष्ट है कि बाजार अभी भी ठहराव (Stagnation) की स्थिति में बना हुआ है।

समग्र रूप से देखें तो वर्तमान में दिखाई दे रही यह हल्की तेजी एक सुधारात्मक उछाल (Correction) प्रतीत होती है, जिसके बाद दोबारा मजबूत गिरावट आ सकती है। हालांकि, यह भी सवाल उठता है कि अमेरिकी डॉलर में नई मजबूती आने का आधार क्या होगा? फिलहाल इसके लिए केवल भू-राजनीतिक परिस्थितियां (Geopolitics) और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति (Monetary Policy) ही संभावित कारण नजर आते हैं। यह भी संभव है कि बाजार बिना किसी स्पष्ट कारण के भी डॉलर की खरीदारी शुरू कर दे।

तकनीकी दृष्टि से देखें तो यूरो में मजबूत तेजी आने का फिलहाल कोई स्पष्ट संकेत दिखाई नहीं दे रहा है।

EUR/USD करेंसी पेयर का 5-मिनट (5M) चार्ट

Exchange Rates 20.07.2026 analysis

5-मिनट (5M) टाइमफ्रेम पर विश्लेषण

5-मिनट (5M) के चार्ट पर शुक्रवार को कोई भी ट्रेडिंग सिग्नल नहीं बना। पूरे दिन कीमत किसी भी महत्वपूर्ण स्तर (Level) या क्षेत्र (Area) का परीक्षण (Test) नहीं कर सकी। इसलिए शुरुआती ट्रेडर्स के लिए कोई भी ट्रेड खोलने का उचित अवसर नहीं था।

सोमवार को ट्रेड कैसे करें?

1-घंटे (1H) के टाइमफ्रेम पर दोनों ट्रेंड लाइनें टूट चुकी हैं और अब उनका कोई विशेष तकनीकी महत्व नहीं रह गया है। पिछले कुछ महीनों में बाजार की गतिविधियों और घटनाक्रमों को देखते हुए हमारा मानना है कि यूरो में अपेक्षाकृत मजबूत तेजी देखने को मिलनी चाहिए थी, लेकिन वास्तविकता में मौजूदा बढ़त मुख्य रूप से एक सुधारात्मक उछाल (Correction) है। पिछले कुछ सप्ताहों में कीमत की चाल किसी स्पष्ट ट्रेंड की बजाय साइडवेज़ (Flat) बाजार जैसी अधिक दिखाई दे रही है।

सोमवार को शुरुआती ट्रेडर्स निम्नलिखित रणनीति पर विचार कर सकते हैं:

  • यदि कीमत 1.1461–1.1466 के क्षेत्र से वापस नीचे मुड़ती है, तो Sell (शॉर्ट) पोजीशन 1.1363–1.1377 के लक्ष्य के साथ खोली जा सकती है।
  • यदि कीमत 1.1461–1.1466 के ऊपर मजबूती से टिक जाती है (Consolidation), तो Buy (लॉन्ग) पोजीशन 1.1527–1.1531 के लक्ष्य के साथ ली जा सकती है।

हालांकि, आज भी बाजार में किसी बड़े मूवमेंट की उम्मीद नहीं है।

5-मिनट (5M) चार्ट के प्रमुख स्तर

ट्रेडिंग के लिए निम्नलिखित स्तरों पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है:

  • 1.1267–1.1275
  • 1.1363–1.1377
  • 1.1461–1.1466
  • 1.1527–1.1531
  • 1.1584–1.1594
  • 1.1655–1.1666
  • 1.1745–1.1754

सोमवार को यूरोजोन और अमेरिका दोनों में कोई महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट या प्रमुख घटना निर्धारित नहीं है। इसलिए पूरे दिन ट्रेडर्स के पास बाजार में प्रतिक्रिया देने के लिए कोई बड़ा कारण नहीं होगा और बाजार में एक बार फिर बहुत कम उतार-चढ़ाव (Low Volatility) देखने को मिल सकता है।

ट्रेडिंग सिस्टम के मुख्य नियम

  • किसी भी ट्रेडिंग सिग्नल की मजबूती इस बात पर निर्भर करती है कि ब्रेकआउट या बाउंस बनने में कितना समय लगा। जितना कम समय लगेगा, सिग्नल उतना ही मजबूत माना जाएगा।
  • यदि किसी स्तर पर दो या अधिक गलत (False) सिग्नल मिल चुके हों, तो उस स्तर से मिलने वाले आगे के सभी सिग्नलों को नजरअंदाज करना चाहिए।
  • साइडवेज़ (Flat) बाजार में कोई भी करेंसी पेयर कई गलत सिग्नल दे सकता है या कोई सिग्नल नहीं भी दे सकता। ऐसे समय तकनीकी स्तरों की अनदेखी भी की जा सकती है।
  • 1-घंटे (1H) के टाइमफ्रेम पर MACD इंडिकेटर के सिग्नलों का उपयोग तभी करें, जब बाजार में पर्याप्त वोलैटिलिटी हो और ट्रेंड की पुष्टि ट्रेंड लाइन या चैनल से हो।
  • यदि दो तकनीकी स्तरों के बीच 5 से 20 पिप्स का अंतर हो, तो उन्हें एक सपोर्ट या रेज़िस्टेंस ज़ोन के रूप में देखना चाहिए।
  • यदि ट्रेड 15 पिप्स लाभ की दिशा में बढ़ जाए, तो स्टॉप-लॉस (Stop Loss) को ब्रेक-ईवन (Breakeven) पर ले आना चाहिए।

चार्ट पर दर्शाए गए संकेतों का अर्थ

  • सपोर्ट और रेज़िस्टेंस स्तर वे क्षेत्र हैं जहां से Buy (Long) या Sell (Short) ट्रेड के अवसर मिल सकते हैं।
  • लाल रेखाएं (Red Lines) ट्रेंड लाइन या चैनल को दर्शाती हैं, जो मौजूदा ट्रेंड और संभावित ट्रेडिंग दिशा का संकेत देती हैं।
  • MACD इंडिकेटर (14,22,3) का हिस्टोग्राम और सिग्नल लाइन सहायक तकनीकी संकेतक हैं, जिनका उपयोग अतिरिक्त ट्रेडिंग पुष्टि के लिए किया जा सकता है।
  • आर्थिक कैलेंडर में शामिल महत्वपूर्ण भाषण और आर्थिक रिपोर्टें करेंसी पेयर्स में तेज़ उतार-चढ़ाव ला सकती हैं। इसलिए इनके दौरान विशेष सावधानी बरतनी चाहिए या आवश्यकता होने पर ट्रेड से बाहर निकल जाना चाहिए।

शुरुआती ट्रेडर्स के लिए सलाह

फॉरेक्स ट्रेडिंग में हर ट्रेड लाभदायक नहीं होता। दीर्घकालिक सफलता के लिए स्पष्ट ट्रेडिंग रणनीति, अनुशासित जोखिम प्रबंधन (Money Management) और नियमित अभ्यास सबसे महत्वपूर्ण आधार हैं।

*यहां पर लिखा गया बाजार विश्लेषण आपकी जागरूकता बढ़ाने के लिए किया है, लेकिन व्यापार करने के लिए निर्देश देने के लिए नहीं |

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